मुबारकपुर (आजमगढ़)। बुराई पर अच्छाई का पर्व विजय दशमी मंगलवार को कमोवेश ज़्यादातर शहरी एवं ग्रामीण अंचलों में बड़े ही हर्षोल्लास पूर्वक मनाया गया। इसके साथ ही देर सायं को भगवान मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम और रावण का घमासान युद्ध हुआ। जिसमें श्री राम ने रावण के नाभी में बाण मारा और बाण लगते ही दशानन धुधुकर कर जलने लगा।
मुबारकपुर राम जानकी मंदिर ट्रस्ट के द्वारा आयोजित सप्ताहों से राम लीला मंचन हुआ। जिसमें नगर सहित ग्रामीण अंचलों के हजारों भक्तों ने राम लीला मंचन का श्रवण पान किया और मंगलवार को एक विशाल प्रभु श्रीराम और लक्ष्मण हनुमान कि शोभायात्रा नगरपालिका से निकली और देर रात्रि राम लीला मैदान रोडवेज के प्रांगण में विशाल युद्ध में तब्दील हुआ। और राम रावण का युद्ध हुआ प्रभु श्रीराम ने रावण के नाभी में बाण मारा और लंकेश मरणासन्न अवस्था में हुआ रावण के सभी भुजाओं में पटाखे के आवाज़ के बीच प्रभु श्रीराम के उद्घोष से पुरा मैदान राम भक्त मय हो गया। इसके उपरांत बुधवार को नगर के देवी प्रतिमाओं को विसर्जित गुज़र पार तमसा नदी तट पर स्थित प्रशासन द्वारा निर्धारित शेड्यूल के अनुसार खोदें गये गड्डे में देर रात्रि विसजर्न कराकर राहत कि सांस ली।
