डीएम ने की गोवंश आश्रय स्थलों की समीक्षा, लापरवाही पर दी सख्त हिदायत
देवरिया। जिलाधिकारी मधुसूदन हुल्गी ने शनिवार को कलेक्ट्रेट सभागार में गोवंश आश्रय स्थलों की व्यवस्थाओं और संचालन की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने गौशालाओं में हरे चारे की उपलब्धता बढ़ाने, निर्माणाधीन कार्यों को शीघ्र पूरा कराने तथा गोवंश के संरक्षण में किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरतने के निर्देश दिए।
डीएम ने सभी खंड विकास अधिकारियों को निर्देश दिया कि प्रत्येक विकासखंड में पांच-पांच किसानों से एक सप्ताह के भीतर अनुबंध कराया जाए, ताकि वे आसपास की गौशालाओं को नियमित रूप से हरा चारा उपलब्ध करा सकें। इसके लिए नेपियर, मक्का, बरसीम और जई की खेती को बढ़ावा देने पर जोर दिया। साथ ही गौशालाओं के लिए उपलब्ध चारागाह की भूमि को पोर्टल पर मैप कराकर उसमें हरे चारे की बुआई कराने के निर्देश दिए।
उन्होंने बृहद गो-संरक्षण केंद्र सेमरी में निर्माणाधीन तीनों गौशालाओं का कार्य तत्काल पूरा कराने को कहा। वहीं करमेल बनरही (बैतालपुर) और नगर पंचायत हेतिमपुर में पूर्ण हो चुके गो-संरक्षण केंद्रों का निरीक्षण कर उन्हें संबंधित संस्थाओं को जल्द हस्तगत कराने का निर्देश मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी को दिया।
डीएम ने वीबी-जी राम जी योजना के तहत गौशालाओं में खड़ंजा, बाउंड्रीवाल, अतिरिक्त शेड, गोदाम और सिक रूम के निर्माण कार्य भी शीघ्र शुरू कराने को कहा। विभागीय समीक्षा में पशुओं के उपचार, बधियाकरण, कृत्रिम गर्भाधान और टीकाकरण की प्रगति जांचते हुए निर्धारित लक्ष्य समय से पूरा करने के निर्देश दिए।
आईजीआरएस पर प्राप्त शिकायतों का भी समयसीमा के भीतर पारदर्शी और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित करने को कहा।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी राजेश कुमार सिंह, अपर जिलाधिकारी प्रेम नारायण सिंह, डीएफओ, जिला विकास अधिकारी, जिला पंचायत राज अधिकारी, मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं सभी खंड विकास अधिकारी मौजूद रहे।
