सोनीपत। पुलिस महानिदेशक हरियाणा अजय सिंघल के निर्देशानुसार तथा पुलिस आयुक्त सोनीपत ममता सिंह के कुशल मार्गदर्शन एवं पुलिस उपायुक्त (मुख्यालय) सोनाक्षी सिंह के नेतृत्व में डॉ. बी.आर. अम्बेडकर लॉ यूनिवर्सिटी, राई में फोरेंसिक विज्ञान एवं विधि के विद्यार्थियों के लिए फोरेंसिक केस स्टडी एवं उभरती फोरेंसिक तकनीकें’ विषय पर एक दिवसीय सेमिनार आयोजित किया गया। अपराध की जांच में घटनास्थल से मिला छोटा-सा सुराग भी अपराधी तक पहुंचने में महत्वपूर्ण कड़ी साबित हो सकता है। इसी महत्व को समझाने के उद्देश्य से आयोजित सेमिनार में एडवांस्ड डीएनए प्रोफाइलिंग, डिजिटल एवं साइबर फोरेंसिक तथा आधुनिक बैलिस्टिक विश्लेषण जैसी तकनीकों पर विस्तार से चर्चा की गई। स्टेट फोरेंसिक साइंस लैब एवं रीजनल एफ.एस.एल के विशेषज्ञों ने वास्तविक आपराधिक मामलों की केस स्टडी के माध्यम से विद्यार्थियों को वैज्ञानिक साक्ष्यों की भूमिका समझाई। विशेषज्ञों ने बताया कि बाल, फिंगरप्रिंट, डीएनए अथवा डिजिटल डाटा जैसे सामान्य दिखाई देने वाले साक्ष्य भी कई बार पूरे अपराध की तस्वीर स्पष्ट करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। विशेषज्ञों ने कहा कि अपराधी लगातार तकनीक के नए-नए तरीकों का इस्तेमाल कर रहे हैं। ऐसे में जांच एजेंसियों के लिए आधुनिक फोरेंसिक तकनीकों की जानकारी और उनका प्रभावी उपयोग बेहद आवश्यक है। विद्यार्थियों ने क्राइम सीन मैनेजमेंट, साक्ष्यों की कानूनी स्वीकार्यता तथा न्यायालय में फोरेंसिक रिपोर्ट की भूमिका से जुड़े सवाल पूछे, जिनका विशेषज्ञों ने उदाहरणों सहित जवाब दिया। कार्यक्रम में सीन ऑफ क्राइम टीम के *विशेषज्ञ डॉ. कृष्ण कुमार असिस्टेंट डायरेक्टर एवं इंचार्ज एफ.एस.एल सोनीपत, रीजनल एफ.एस.एल सुनारिया (रोहतक) से वैज्ञानिक श्रवण कुमार, ज्योति मलिक, अरुण एवं संजय सहित डॉ. बी.आर. अम्बेडकर लॉ यूनिवर्सिटी के वी.सी प्रोफेसर डॉ. देवेन्द्र, प्रोफेसर सुमित, प्रोफेसर पूजा सहित अन्य प्राध्यापक एवं विद्यार्थी मौजूद रहे।
