महापंडित राहुल सांकृत्यायन के नाम से महाराजा सुहेलदेव विश्वविद्यालय में शोधपीठ का गठन

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प्रो. हसीन खान ,समन्वयक
राहुल सांकृत्यायन शोधपीठ

प्रो. हसीन खान को शोधपीठ का समन्वयक बनने पर शिक्षाविदों ने दी बधाई।

आजमगढ़। महाराजा सुहेलदेव विश्वविद्यालय आजमगढ़ के कुलपति प्रो. संजीव कुमार जी द्वारा आजमगढ़ जनपद के लाल एवं प्रसिद्ध साहित्यकार महापंडित राहुल सांकृत्यायन के नाम से विश्वविद्यालय में शोधपीठ के गठन की घोषणा होते ही, जनपदवासियों, क्षेत्रवासियों, साहित्यकारों एवं कलमकारों में खुशी की लहर दौड़ गई। सभी ने तहेदिल से कुलपति जी के इस घोषणा का स्वागत किया। साथ ही साथ कुलपति जी द्वारा मालटारी पीजी कॉलेज के हिंदी विभाग के प्रभारी प्रो. हसीन खान को महापंडित राहुल सांकृत्यायन शोधपीठ का समन्वयक नियुक्त करने के निर्णय को भी शिक्षाविदों ने सराहा।
विश्वविद्यालय के मीडिया प्रभारी ने बताया कि कुलपति प्रो. संजीव कुमार जी ने जनपद के साहित्यकारों, शिक्षाविदों एवं क्षेत्र वासियों की भावनाओं का समादर करते हुए महापंडित राहुल सांकृत्यायन के नाम से शोधपीठ गठित कर भोजपुरिया समाज के साथ-साथ साहित्य एवं संस्कृति को एक उचित मुकाम दिया। जनपद के वरिष्ठ एवं कनिष्ठ नागरिकों ने इस निर्णय को खूब सराहा। कुलपति जी ने कहा कि पंडित जी के नाम से शोधपीठ का गठन कर विश्वविद्यालय अपने को गौरवान्वित महसूस कर रहा है। जिन कठिन परिस्थितियों में उन्होंने स्वतंत्रता संग्राम सेनानी बनकर राष्ट्र के प्रति स्नेह एवं घुमक्कड़ी के माध्यम से साहित्य की सेवा की। साथ ही लगभग 36 भाषाओं की जानकारी वहां के संस्कृति का अपने साहित्य में पिरोना निश्चय ही काबिले-तारीफ है। इनके बाबत हमारे विश्वविद्यालय की छात्र-छात्राएं एवं देश के कोने-कोने से आए शोधार्थियों के ज्ञानार्जन में वृद्धि होगी तथा उनकी तपस्या परिश्रम लेखन क्षमता एवं घुमक्कड़ी स्वभाव से समाज ज्ञानार्जन करके निश्चय ही लाभान्वित होगा।
कुलपति महोदय ने शोधपीठ के गठन के साथ ही बिना विलंब किए प्रसिद्ध शिक्षाविद प्रो. हसीन खान को उसका समन्वयक नियुक्त कर संस्था को गतिमान कर दिया।
प्रो. हसीन खान एक प्रतिष्ठित भाषाविद, साहित्यकार एवं कवि के रूप में काफी लोकप्रिय है। बहुमुखी प्रतिभा के धनी एवं मृदुभाषी प्रो. हसीन खान की नियुक्ति पर साहित्य प्रेमियों में खुशी की लहर है। सभी ने प्रोफेसर हसीन खान की नियुक्ति हेतु कुलपति जी का तहेदिल से शुक्रिया अदा किया।
बधाई देने वालों में प्रमुख साहित्यकार प्रो. गीता सिंह, प्रो. अखिलेश सिंह, प्रो. अरुण सिंह प्रो. विजय, डॉ पंकज सिंह, डॉ जयप्रकाश यादव, डॉ. प्रवेश सिंह, डॉ. चंद्र विकास, डॉ. फखरे आलम, डॉ. मुकुल दत्त पाण्डेय, डॉ. सत्येंद्र, डॉ. पीयूष आदि के साथ-साथ जनपद के समाजसेवी एवं सांस्कृतिक संगठनों ने बधाई दी।

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