
श्री गुरु ग्रंथ साहिब के सम्मुख नतमस्तक होने का अर्थ है भारतीय अध्यात्म,दर्शन व नैतिक मूल्यों के प्रति आस्था रखना-बग्गा।
प्रयागराज। गुरुद्वारा साहिब अलोपीबाग मे धन धन साहिब श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी का प्रथम प्रकाश पर्व मे प्रातः काल से ही सगत गुरुद्वारे में बड़ी श्रद्धापूर्वक के साथ श्री गुरू ग्रंथ साहिब जी के आगे माथा टेक कर पंक्तिबद्ध बैठकर कथा कीर्तन एवं व्याख्यान का श्रवण करती रही। श्री गुरु ग्रंथ साहिब के प्रकाश पर्व के अवसर पर गुरुद्वारे को फूलों और रोशनी दीपमाला सहित रंग-बिरंगे और सुगंधित फूलों से भव्य रूप से सजाया।
गुरुद्वारा प्रधान परमजीत सिंह बग्गा ने कहा कि श्री गुरु ग्रंथ साहिब में 36 वाणीकारों की वाणी संकलित है आठ शताब्दियों का भारतीय चिंतन, दर्शन और अध्यात्म भी इसमें समाहित है अध्यात्म के मौलिक सिद्धांत इसमें सहज ही प्राप्त हो जाते हैं यहां भारतीय अध्याय के महापुरुषों की वाणियो को निर्गुण काव्य पाठ की केंद्रीय संवेदना के साथ भी नए अध्यात्मवाद के साथ देखा जा सकता है।
श्री गुरु ग्रंथ साहिब के सम्मुख नतमस्तक होने का अर्थ है भारतीय अध्यात्म, दर्शन व नैतिक मूल्यों के प्रति आस्था रखना इस पवित्र ग्रंथ का मूल भाव मानव कल्याण है। श्री गुरु ग्रंथ साहिब मे भारतीय संगीत की दार्शनिक व्याख्या भी मिलती है।

श्री गुरु ग्रंथ साहिब के प्रथम प्रकाश का महत्व किसी विशेष भूभाग के लिए नहीं बल्कि श्री गुरु ग्रंथ साहिब ने जो दिशा मानवता के लिए प्रदान की उसका संदर्भ युगों-युगों तक हमारा पथ प्रदर्शित करता रहेगा। श्री गुरु ग्रंथ साहिब में न सिर्फ भारतीय अध्यात्म व दर्शन है, बल्कि भारतीय संगीत की दार्शनिक व्याख्या मिलती है
सुविख्यात समाजसेवी व भारतीय जनता पार्टी अल्पसंख्यक मोर्चा काशी क्षेत्र, क्षेत्रीय उपाध्यक्ष सरदार पतविंदर सिंह ने कहा कि आइये, हम सभी श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की शिक्षाओं को अपने जीवन में आत्मसात कर राष्ट्र की उन्नति एवं समाज के उत्थान में अपना महत्वपूर्ण योगदान दें। हम सब मिलकर गुरबाणी के सिद्धांतों पर चलने का प्रयास करें।श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी पूरे मानव समाज को एक सूत्र धागे में बांधते है। भेदभाव से उठकर, आपसी सद्भाव, भाईचारा, मानवता व समरसता का संदेश देने वाले श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी है।

श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी के प्रकाश पर्व की सभी भाई-बहनों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं। प्रकाश पर्व पर 11/9/2026 को श्री अखंड पाठ आरंभ हुआ जिसकी संपूर्णता रविवार दिनांक 13.9.2026 को गुरुद्वारा साहिब अलोपीबाग में बड़ी श्रद्धा और उत्साह के साथ कथा कीर्तन एवं व्याख्यान तत्पश्चात अरदास, हुक्मनामा उपरांत कड़ाह प्रसाद एव गुरु का अटूट लंगर वितरित हुआ। जिसमें
बड़ी संख्या में सर्व धर्म के लोग उपस्थित रहे और गुरु का अटूट लंगर छका।
इस अवसर पर गुरुदीप सिंह सरना,परमजीत सिंह,सरदार पतविंदर सिंह, कुलदीप सिंह बग्गा, परमिंदर सिंह बंटी, मनु चावला, जसविंदर सिंह नीटू, बलजीत सिंह, लखविंदर सिंह, राजेंद्र सिंह ग्रोवर, जसवीर सिंह, हरजीत सिंह कथुरिया, त्रिलोचन सिंह बग्गा, मनजीत सिंह खालसा, हरजिंदर सिंह सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु सम्मिलित होकर तन मन धन से सेवा की।
