नई दिल्ली। दिल्ली परिवहन निगम डीडीसी और परिवहन विभाग की बसों में अब महिलाओं को पिंक टिकट पर फ्री सफर की सुविधा बंद हो गई है।अब सिर्फ पिंक सहेली कार्ड के जरिए ही बसों में मुफ्त सफर किया जा सकेगा। इस नियम के वजह से बाहरी राज्यों या एनसीआर के अन्य शहरों से आने वाली महिलाएं दिल्ली की बसों में फ्री सफ़र बंद होने से उन्हें आम यात्रियों की तरह किराया देकर टिकट लेना पड़ रहा है। जिससे महिला यात्रि दिल्ली सरकार की इस फैसले से काफी नाराजगी जताई। वहीं दिल्ली में पढ़ाई करने वाली अन्य राज्यों की छात्राओं को इस नियम से बड़ी चिंता है। क्योंकि उन्हें जेब खर्च के पैसे से टिकट खरीदने पड़ रहे हैं।इस संबंध में प्रशासन का कहना है कि टैक्सपेयर्स के पैसे का लाभ मुख्य रूप से दिल्ली के स्थानीय निवासियों को मिलना चाहिए, जिससे कारण दिल्ली के बाहर से आकर पढ़ने वाली छात्राओं को अब सफर के लिए सामान्य टिकट खरीदना पड़ रहा है। कामकाजी और गरीब महिलाओं का कहना है कि ऑन-लाइन ऐप या केंद्रों पर जाकर स्मार्ट पास बनवाना और हर बार बस में चढ़ते उतरते समय मशीन पर ईटीएम टैप करना एक कठिन प्रक्रिया है। विपक्षी दलों और कई सामाजिक संगठनों ने इस फैसले को गरीब विरोधी और भेदभावपूर्ण बताया है। उनका कहना है कि यह नियम विशेष रूप से उन प्रवासियों जैसे यूपी, बिहार के लोगों प्रभावित हो रहे हैं जो आजीविका के लिए रोजाना दिल्ली आते हैं या यहां किराए पर रहते हैं। वहीं सरकार का तर्क है कि इस डिजिटल स्मार्ट कार्ड NCMC आधारित प्रणाली से टिकटों के दुरुपयोग और धोखाधड़ी पर रोक लगेगी। साथ ही, सरकार के पास यह स्टीक आंकड़ा रहेगा कि हर महीने कितनी महिलाएं और किस रुठ पर सफर कर रही है।
