सोनीपत। निप्पल से डिस्चार्ज होना या ब्रेस्ट में दर्द महसूस होना महिलाओं के लिए चिंता का कारण बन सकता है। कई बार ऐसे लक्षण दिखने पर ब्रेस्ट कैंसर का डर सताने लगता है। हालांकि, ज्यादातर मामलों में इनके पीछे हार्मोनल बदलाव या दूसरी सामान्य और इलाज योग्य स्थितियां होती हैं। फिर भी, कुछ लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। सही जानकारी होने से बेवजह की चिंता से बचने और जरूरत पड़ने पर समय पर जांच कराने में मदद मिल सकती है। मैक्स सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल, द्वारका में मेडिकल ऑन्कोलॉजी की सीनियर कंसल्टेंट डॉ. शिना गोयल ने बताया, “निप्पल से डिस्चार्ज या ब्रेस्ट में दर्द होने का मतलब यह नहीं है कि महिला को कैंसर है। हालांकि, अगर निप्पल से अपने आप डिस्चार्ज हो, उसमें खून आए या दर्द के साथ गांठ और त्वचा में बदलाव दिखाई दें, तो डॉक्टर से जांच कराना जरूरी है। समय पर जांच से समस्या का कारण पता लगाने और जरूरत के अनुसार इलाज शुरू करने में मदद मिलती है। हल्के और हार्मोनल बदलावों से जुड़े लक्षणों में सही फिटिंग वाली सपोर्टिव ब्रा पहनने, गर्म या ठंडी सिकाई करने और मासिक धर्म के दौरान दर्द में होने वाले बदलावों को नोट करने से राहत मिल सकती है। बार-बार निप्पल दबाकर डिस्चार्ज की जांच करने से बचना चाहिए। कैफीन कम करने से भी कुछ महिलाओं को फायदा हो सकता है।
