प्रयागराज। समन्वय संस्था, प्रयागराज द्वारा प्रस्तुत ‘लोई चलै कबीरा संग’ का भावपूर्ण एवं प्रभावशाली मंचन रविवार को उत्तर मध्य क्षेत्र सांस्कृतिक केन्द्र, प्रयागराज के प्रेक्षागृह में किया गया। नाटक के माध्यम से संत कबीर के जीवन, विचारों, दर्शन एवं सामाजिक सरोकारों को मंच पर जीवंत रूप में प्रस्तुत किया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि प्रताप सोमवंशी, सुदेश शर्मा, निदेशक, उत्तर मध्य क्षेत्र सांस्कृतिक केन्द्र, अभिजीत गोखले, केन्द्रीय संगठन मंत्री, संस्कार भारती, अतुल द्विवेदी , डॉ देवेन्द्र त्रिपाठी, दीपक शर्मा एवं कलाकार रबीन्द्र कुशवाहा द्वारा दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया।
नाटक ‘लोई चलै कबीरा संग’ में संत कबीर की मुख्य भूमिका शिव गुप्ता ने अत्यंत प्रभावशाली ढंग से निभाई। उनके अभिनय में कबीर के व्यक्तित्व, विचारों और जीवन-दर्शन की सशक्त अभिव्यक्ति देखने को मिली। वहीं लोई की केन्द्रीय भूमिका में मिताली वर्मा ने अपने सहज एवं सशक्त अभिनय से दर्शकों का ध्यान आकर्षित किया।
नाटक की अन्य भूमिकाओं में चंकी बच्चन, रमेश धुरिया, दीपेंद्र सिंह, मीना उरांव एवं विजय कुमार अरुण शुक्ला राहुल यास्मीन एवं प्रज्ञान राय ने उत्कृष्ट अभिनय करते हुए प्रस्तुति को प्रभावशाली बनाया।
नाटक की परिकल्पना एवं निर्देशन सुषमा शर्मा द्वारा किया गया। उनके कुशल निर्देशन में कबीर के विचारों और उनके समय की सामाजिक परिस्थितियों को प्रभावशाली ढंग से मंच पर उकेरा गया।आलेख प्रताप सोमवंशी का है।
प्रस्तुति के अंत में दर्शकों ने कलाकारों एवं नाट्य दल के उत्कृष्ट प्रदर्शन की सराहना की। कार्यक्रम ने यह संदेश दिया कि संत कबीर के विचार आज भी उतने ही प्रासंगिक हैं और समाज में प्रेम, समरसता एवं मानवीय मूल्यों की स्थापना के लिए उनका संदेश सदैव प्रेरणादायी रहेगा।
