
चन्दौली ब्यूरो। सैयदराजा स्थानीय थाना क्षेत्र के प्रीतमपुर गांव में रविवार की अपराह्न हैंडपंप की मरम्मत के दौरान हाईटेंशन विद्युत तार की चपेट में आने से एक बोरिंग मिस्त्री की मौत हो गई, जब कि तीन अन्य लोग गंभीर रूप से झुलस गए। हादसा उस समय हुआ, जब हैंडपंप के भीतर से लोहे का पाइप बाहर निकाला जा रहा था। बताया गया कि पाइप ऊपर से गुजर रही हाईटेंशन विद्युत लाइन के संपर्क में आ गया, जिससे उसमें करंट उतर गया और मौके पर मौजूद चारों लोग इसकी चपेट में आ गए। घटना के बाद गांव में अफरातफरी मच गई। आसपास के लोगों ने तत्काल सभी घायलों को उपचार के लिए जिला अस्पताल पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने बोरिंग मिस्त्री पिंटू को मृत घोषित कर दिया। वहीं, उनके सहयोगी दिल मोहम्मद, हैंडपंप के मकान मालिक रामकृष्ण मौर्य और उनके पुत्र रमेश मौर्य का उपचार जारी है। तीनों की स्थिति गंभीर बताई जा रही है।जानकारी के अनुसार, प्रीतमपुर गांव में हैंडपंप की मरम्मत और बोरिंग का कार्य चल रहा था। इसी दौरान हैंडपंप के भीतर से लोहे का पाइप बाहर निकाला जा रहा था। पाइप को ऊपर उठाते समय वह गांव के ऊपर से गुजर रही हाईटेंशन विद्युत लाइन के संपर्क में आ गया। विद्युत तार के संपर्क में आते ही पाइप में करंट उतर गया, जिससे उसके आसपास मौजूद चारों लोग बुरी तरह झुलस गए।
हादसे के बाद मौके पर पहुंचे ग्रामीणों ने घायलों को संभाला और उन्हें अस्पताल पहुंचाने की व्यवस्था की। घटना की जानकारी मिलते ही परिजनों में कोहराम मच गया। मृतक के परिवार में मातम पसरा है, जब कि घायलों के परिजन उनके उपचार को लेकर चिंतित हैं।
हादसे में जान गंवाने वाले पिंटू 33 वर्षीय बोरिंग मिस्त्री के रूप में काम करते थे। बताया गया कि वह हैंडपंप की मरम्मत और बोरिंग के कार्य में दक्ष थे। हादसे के दौरान वह पाइप निकालने के काम में लगे थे। करंट की चपेट में आने से उनकी मौके पर ही हालत गंभीर हो गई। अस्पताल पहुंचने पर चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
पिंटू की मौत की खबर मिलते ही परिवार में चीख-पुकार मच गई। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। हादसे की सूचना मिलने के बाद ग्रामीण भी अस्पताल पहुंचे और घायलों के उपचार की जानकारी लेते रहे।
हादसे में पिंटू के सहयोगी दिल मोहम्मद, मकान मालिक रामकृष्ण मौर्य और उनके पुत्र रमेश मौर्य भी गंभीर रूप से झुलस गए। तीनों को तत्काल जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों की निगरानी में उनका उपचार चल रहा है। घायलों की स्थिति गंभीर होने के कारण परिजन लगातार अस्पताल में मौजूद हैं।
ग्रामीणों के अनुसार हादसा अचानक हुआ और कुछ ही क्षणों में चारों लोग करंट की चपेट में आ गए। आसपास मौजूद लोगों ने तत्काल मदद की, जिससे घायलों को समय पर अस्पताल पहुंचाया जा सका।
घटना के बाद स्थानीय ग्रामीणों ने बिजली विभाग पर लापरवाही और सुरक्षा मानकों की अनदेखी करने का आरोप लगाया है। ग्रामीणों का कहना है कि गांव में हाईटेंशन विद्युत लाइन के नीचे इस तरह के कार्य के दौरान पर्याप्त सावधानी बरती जानी चाहिए थी। उनका आरोप है कि यदि विद्युत लाइन की स्थिति और सुरक्षा व्यवस्था पर पहले ध्यान दिया गया होता, तो हादसे को टाला जा सकता था।
हालांकि, हादसे के कारणों और बिजली विभाग की जिम्मेदारी को लेकर आधिकारिक स्तर पर विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है। मामले की जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि घटना में किस स्तर पर लापरवाही हुई।
पुलिस कर रही मामले की जांच
हादसे की सूचना मिलने के बाद पुलिस ने मामले की जानकारी जुटानी शुरू कर दी है। पुलिस घटना के कारणों की जांच कर रही है। वहीं, ग्रामीणों और परिजनों ने हादसे की निष्पक्ष जांच कराने तथा घायलों को बेहतर उपचार उपलब्ध कराने की मांग की है।
इस दर्दनाक घटना ने गांव में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि हाईटेंशन विद्युत लाइनों के आसपास किसी भी प्रकार का निर्माण, मरम्मत या बोरिंग कार्य कराए जाने से पहले सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित किया जाना चाहिए, ताकि भविष्य में इस तरह के हादसों को रोका जा सके।
