सोनीपत। पूर्ण मूर्ति विद्यापीठ में इंजीनियर्स डे के अवसर पर महान भारतीय अभियंता एवं भारत रत्न डॉ. एम. विश्वेश्वरैया को श्रद्धापूर्वक याद किया गया। कार्यक्रम के दौरान संस्था के चेयरमैन डा.विजयपाल नैन, सचिव गौतम नैन, कोषाध्यक्ष भोपाल सिंह, प्रबंध निदेशक कपिल भाटिया, एमडी इंजी. संघदीप शाक्य, डायरेक्टर एकेडेमिक्स डा. स्वीटी, कैंपस डायरेक्टर कुलदीप व रजिस्ट्रार कंवलजीत सिंह संधू ने डॉ. एम. विश्वेश्वरैया के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें नमन किया तथा देश के तकनीकी एवं औद्योगिक विकास में उनके महत्वपूर्ण योगदान को स्मरण किया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को इंजीनियर्स डे के महत्व से परिचित कराने के साथ-साथ डॉ. एम. विश्वेश्वरैया के जीवन, कार्यों और उपलब्धियों से प्रेरणा लेने के लिए प्रोत्साहित करना था। डा.विजयपाल नैन ने कहा डॉ. एम. विश्वेश्वरैया का जीवन उत्कृष्टता, अनुशासन, नवाचार और जनसेवा का एक चिरस्थायी उदाहरण है। डॉ. विश्वेश्वरैया ने अपनी दूरदर्शिता, तकनीकी दक्षता और समर्पण के माध्यम से राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने कहा कि मौजूदा दौर में भी इंजीनियर न केवल देश की तकनीकी प्रगति के पथप्रदर्शक हैं, बल्कि इसके भविष्य के निर्माता भी हैं।
इस अवसर पर ‘जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों से निपटने में तकनीक’ की भूमिका विषय पर वाद-विवाद प्रतियोगिता का आयोजन किया।
इस प्रतियोगिता में अहान राज, कृष, अमन राज, दीपक, निलेंदु, देव, कसेफह व मुस्कान की बीटेक टीम ने पहला व पॉलिटेक्निक की टीम ने दूसरा स्थान हासिल किया। डायरेक्टर एकेडेमिक्स डा. स्वीटी ने विजेता प्रतिभागियों को प्रशस्ति पत्र देकर उनका हौसला बढ़ाया। यह आयोजन प्राध्यापिका अपूर्वा, मुकेश व आरती की देखरेख में संपन्न हुआ। इस अवसर पर विद्यार्थियों को इंजीनियरिंग एवं तकनीकी क्षेत्र में नई सोच विकसित करने, नवाचार और अनुसंधान को बढ़ावा देने तथा अपने ज्ञान एवं कौशल का उपयोग समाज और राष्ट्र की प्रगति में करने के लिए प्रेरित किया गया।
