हरियाणवी इनोवेटिव फ़िल्म एसोसिएशन द्वारा आयोजित पहला दो दिवसीय इंटरनेशनल फ़िल्म फेस्टिवल ऑफ हाइफ़ा सम्पन्न

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डॉ तबस्सुम जहां

रोहतक। हरियाणवी भाषा, संस्कृति और सिनेमा को अंतर्राष्ट्रीय मंच प्रदान करने के उद्देश्य से सक्रिय हरियाणवी इनोवेटिव फ़िल्म एसोसिएशन (हाइफ़ा) द्वारा आयोजित पहला दो दिवसीय इंटरनेशनल फ़िल्म फेस्टिवल ऑफ हाइफ़ा (IFFH) 19 और 20 सितंबर को रोहतक स्थित सुपवा (दादा लखमी चंद स्टेट यूनिवर्सिटी ऑफ परफॉर्मिंग एंड विजुअल आर्ट्स) में सम्पन्न हुआ। फेस्टिवल सुपवा के विशेष सहयोग तथा स्टेज ऐप के संयुक्त तत्वावधान में सम्पन्न हुआ।
हाइफ़ा अध्यक्ष जनार्दन शर्मा और सचिव रामपाल बल्हारा की आधिकारिक घोषणा के बाद मार्च माह से देश-विदेश के फिल्मकारों से फेस्टिवल के लिए प्रविष्टियां आमंत्रित की गई थीं। फीचर फिल्म, रीजनल फिल्म, शॉर्ट फिल्म, लॉन्ग शॉर्ट फिल्म, शॉर्ट एवं लॉन्ग डॉक्यूमेंट्री, स्टूडेंट फिल्म, मोबाइल फिल्म, लॉन्ग एवं शॉर्ट एनीमेशन तथा म्यूजिक वीडियो सहित विभिन्न कैटेगरी में प्रविष्टियां प्राप्त हुई थीं।
फेस्टिवल के दूसरे यानी अंतिम दिन न केवल चयनित एवं चुनिंदा फिल्मों का प्रदर्शन किया गया बल्कि विभिन्न कैटेगरी में उत्कृष्ट फिल्मों और प्रतिभाओं को बेस्ट कैटेगरी अवार्ड प्रदान किए गए। दो दिवसीय आयोजन ने देश-विदेश के फिल्मकारों को अपनी रचनात्मकता प्रदर्शित करने के साथ-साथ हरियाणवी भाषा, संस्कृति और सिनेमा को अंतर्राष्ट्रीय मंच प्रदान किया।
हरियाणा सिनेमा और कला जगत की प्रमुख हस्तियां रही मौजूद-
फेस्टिवल में फिल्म जगत से जुड़ी कई प्रमुख हस्तियों के शामिल हुईं है। इनमें लीजेंड अभिनेत्री सुमित्रा हुड्डा पेडनेकर, डॉ रमाकांता, राजेंद्र गौतम, राजू मान, अनूप लाठर, डॉ महासिंह पूनिया, प्रेम सिंह देहाती, रेखा वर्मा सरीन, डॉ रमाकांता, शशि कल्याणी, सुशील दहिया, लीला सैनी, जगबीर राठी, योगेश भारद्वाज, इंदर सिंह लाम्बा समेत देश-विदेश के फिल्ममेकर, निर्देशक, निर्माता, अभिनेता, तकनीशियन और सिनेमा से जुड़े अन्य प्रोफेशनल्स भी समारोह का हिस्सा बने। मंच का संचालन डॉ अल्पना सुहासिनी और विशाल जिंदल और गायत्री कौशल ने किया। साथ ही देश-विदेश के प्रतिष्ठित फिल्ममेकर, निर्देशक, निर्माता, कलाकार, तकनीशियन एवं सिनेमा से जुड़े विभिन्न क्षेत्रों के प्रोफेशनल्स भी इस भव्य आयोजन का हिस्सा बनें।
दूसरे और अंतिम दिन लाजवाब फिल्मों का हुआ प्रदर्शन –
सिनेमाई यात्रा की इस कड़ी में विविध भावनाओं और कथ्य से जुड़ी फिल्मों ने दर्शकों को अलग-अलग अनुभवों से जोड़ा। सत्र का आरम्भ लाजवाब पंजाबी फ़िल्म ‘पंछी’ से हुआ। उसके उपरांत बेहद मार्मिक और शॉर्ट फ़िल्म ‘यान’ चलाई गई जिसके मूक संदेशों ने दर्शकों के मन को झकझोर दिया। आगे बेहतरीन स्टूडेंट फ़िल्म ‘व्हिसपर्स ऑफ द हॉर्स’ का प्रदर्शन हुआ।
वहीं ‘मो मा कु’ ने रिश्तों की संवेदना, ‘नॉट’ ने उलझे बंधनों और ‘यांता’ ने संगीत की भावपूर्ण लय को सामने रखा। ‘सिसिफस चाइल्डहुड’ ने बचपन के संघर्ष और मासूमियत को उभारा। अंतिम पड़ाव में ‘रघुवीरम’ के ओजस्वी स्वर और ‘लाइसेंस’ की यथार्थवादी प्रस्तुति ने इस सिनेमाई सिलसिले को प्रभावी समापन दिया।
मास्टरक्लास में सिनेमा की बारीकियों पर संवाद-
फेस्टिवल में फिल्मों की स्क्रीनिंग के साथ युवा और उभरते कलाकारों तथा फिल्मकारों के लिए विशेष मास्टरक्लास भी आयोजित की गई। दूसरे दिन बॉलीवुड अभिनेता अखिलेन्द्र मिश्रा ने सिनेमा और अभिनय से जुड़ी बारीकियों तथा अपने फ़िल्मी सफ़र पर रोशनी डाली व प्रतिभागियों से संवाद किया। इस सत्र में प्रतिभागियों को अनुभवी फिल्म प्रोफेशनल्स से सीधे सीखने और अपने सवालों के जवाब पाने का अवसर मिला।
बेस्ट कैटेगरी सिलेक्ट करने के लिए विशेष जूरी –
हाइफ़ा फेस्टिवल के लिए 200 से अधिक विभिन्न कैटेगरी में एंट्री प्राप्त हुई और जिनमें बेस्ट कैटेगरी चुनने के लिए फ़िल्म जगत में अपने अपने क्षेत्र में माहिर दिग्गजो को चुना गया जिसमें अश्विनी चौधरी, महिपाल सैनी, सुशील दहिया, बालेंदु डी. कौशिक, डॉ. मिहिर रंजन पात्रा, राजीव भाटिया एवं वंदना भाटिया, भाल सिंह बलहारा एवं प्रीति सागर, आदित्य ओम,गिरीश धीमेजा जी,सुनील बलहारा जी का नाम प्रमुख है।
HIFA 2026 के अवार्ड विनर्स-
अवार्ड सेरेमनी कार्यक्रम का शुभारंभ पारंपरिक दीप प्रज्वलन के साथ हुआ, कार्यक्रम में बॉलीवुड एक्टर डायरेक्टर व हाइफ़ा फेस्टिवल के चेयरमेन यशपाल शर्मा, हाइफ़ा प्रमुख जनार्दन शर्मा, सचिव रामपाल बल्हारा, सुपवा की रजिस्ट्रार डॉ गुंजन मलिक मनोचा, अंशुल पठानिया, सुमित्रा हुड्डा, अखिलेन्द्र मिश्रा, देवेंद्र शर्मा, परिमल कुमार, मासूम शर्मा सहित बॉलीवुड, पंजाबी एवं हरियाणवी सिनेमा के अनेक प्रमुख कलाकार एवं फिल्म जगत की हस्तियाँ शामिल हुईं।


फीचर फिल्म कैटेगरी में बेस्ट इंडियन फीचर फिल्म का अवार्ड ‘मो मा कु’ को, बेस्ट इंडियन डायरेक्टर का अवार्ड कुलदीप कुनाल को ‘मो मा कु’ के लिए, बेस्ट इंडियन एक्टर का अवार्ड जतिन सरना को ‘मो मा कु’ के लिए तथा देवदासन चेरुवाथ को ‘मलावाझी’ के लिए दिया गया। बेस्ट इंडियन एक्ट्रेस का अवार्ड सिजी प्रदीप को ‘मलावाझी’ तथा सोनी पटेल को ‘रघुवीरम’ फिल्म के लिए मिला। बेस्ट फॉरेन फीचर फिल्म का अवार्ड ‘वाज़ंट क्लाउडी दैट डे’, बेस्ट फॉरेन डायरेक्टर का अवार्ड मोहसेन राबिएली, बेस्ट फॉरेन एक्टर का अवार्ड एम्रे टेटिकेल और बेस्ट फॉरेन एक्ट्रेस का अवार्ड गुलाय यिलदास ने अपने नाम किया।
फॉरेन शॉर्ट फिल्म कैटेगरी में बेस्ट फॉरेन फिल्म का अवार्ड मरियम रहीमी की ‘ज़ोना सेज़ारिनी’, बेस्ट डायरेक्टर का अवार्ड अफ़शिन एलियन को ‘द लेफ्ट लीडर’ के लिए, बेस्ट एक्टर का अवार्ड अरमिन अज़ीज़ी को ‘द ब्लू बाइसिकल’ के लिए तथा बेस्ट एक्ट्रेस का अवार्ड लॉरा गारोफालो को ‘ज़ोना सेज़ारिनी’ के लिए मिला।
डॉक्यूमेंट्री फिल्म कैटेगरी में बेस्ट इंडियन शॉर्ट डॉक्यूमेंट्री का अवार्ड ‘एनचांटिंग मुकुंदरा’, बेस्ट इंडियन लॉन्ग डॉक्यूमेंट्री का अवार्ड ‘घूँघट’, बेस्ट फॉरेन शॉर्ट डॉक्यूमेंट्री का अवार्ड ‘सिसिफस चाइल्डहुड’ तथा बेस्ट फॉरेन लॉन्ग डॉक्यूमेंट्री का अवार्ड ‘विया डोलोरोसा: द पाथ ऑफ सॉरोज़’ को मिला।
लॉन्ग शॉर्ट फिल्म कैटेगरी में बेस्ट फिल्म का अवार्ड ‘मुआवजा’, बेस्ट डायरेक्टर का अवार्ड रणजीत चौहान को ‘मुआवजा’ के लिए तथा बेस्ट एक्टर का अवार्ड जगबीर राठी को ‘मुआवजा’ के लिए दिया गया।
रीजनल फिल्म कैटेगरी में बेस्ट फिल्म का अवार्ड ‘पंछी’, बेस्ट डायरेक्टर का अवार्ड विपिन मलावत को ‘वादा’ के लिए, बेस्ट एक्टर का अवार्ड प्रिंस कंवलजीत सिंह को ‘पंछी’ के लिए तथा बेस्ट एक्ट्रेस का अवार्ड सापर चहल को ‘धानी’ के लिए मिला।


म्यूजिक वीडियो कैटेगरी में बेस्ट म्यूजिक वीडियो का अवार्ड साहिल संधू को ‘यांटा’ के लिए, बेस्ट म्यूजिक डायरेक्टर का अवार्ड शेव को ‘यांटा’ के लिए, बेस्ट मेल सिंगर का अवार्ड काका एवं जेरी को ‘हरियाणा टू पंजाब’ के लिए, बेस्ट फीमेल सिंगर का अवार्ड मीनाक्षी पांचाल को ‘आनंद काया’ के लिए तथा बेस्ट लिरिसिस्ट का अवार्ड संयुक्त रूप से मक्क वी को ‘आनंद काया’ और काका एवं जेरी को ‘हरियाणा टू पंजाब’ के लिए मिला।
स्टूडेंट फिल्म कैटेगरी में बेस्ट इंडियन स्टूडेंट फिल्म का अवार्ड ‘व्हिस्पर्स ऑफ द हॉर्स’, बेस्ट इंडियन डायरेक्टर का अवार्ड नव्या हरायण को ‘जंगली रानी’ के लिए तथा बेस्ट फॉरेन स्टूडेंट फिल्म का अवार्ड ‘डिसिडेंट्स’ को मिला। फॉरेन बेस्ट डायरेक्टर का अवार्ड इस कैटेगरी में किसी को नहीं दिया गया।
इंडियन शॉर्ट फिल्म कैटेगरी में बेस्ट एक्ट्रेस का अवार्ड दीवजोत गुलाटी को ‘अगरसंधानी’ के लिए, बेस्ट फिल्म का अवार्ड ‘अगरसंधानी’, बेस्ट एक्टर का अवार्ड योगेश भारद्वाज को ‘ए हैंडफुल ऑफ लाइफ’ के लिए, बेस्ट डायरेक्टर का अवार्ड शशांक विराग को ‘ए हैंडफुल ऑफ लाइफ’ के लिए तथा जूरी मेंशन का अवार्ड ‘खेलुंगा’ को मिला।
एनीमेशन फिल्म कैटेगरी में विनर ‘एक पेड़ माँ के नाम’ रहा। इसके अलावा ‘सांगी’ फ़िल्म ने फाउंडर चॉइस अवार्ड से नवाज़ा गया। फांउंडर चॉइस अवार्ड लाईसेस फ़िल्म के लिए मासूम शर्मा, फाउंडर चॉइस अवार्ड फॉर बेस्ट एक्ट्रेस राखी लोचब को तथा फाउंडर चॉइस अवार्ड फॉर बेस्ट शॉर्ट फिल्म ‘यान’ को दिया गया।
हरियाणवी सिनेमा कला के लिए महत्वपूर्ण हस्तियों को विशेष सम्मान-
गैस्ट ऑफ़ द ऑनर का सम्मान देवेंद्र शर्मा, सुपवा के हरिओम कौशिक को दिया गया
विद्या देवी बेस्ट आइकन वीमेन ऑफ़ द ईयर अवार्ड यशपाल शर्मा और घनश्याम दास शर्मा की ओर से एक्टर निशा शर्मा को दिया गया।
सुपवा ने भी इस मंच से अश्विनी चौधरी, अखिलेन्द्र मिश्रा, गिरीश धनेजा, रामपाल बल्हारा, परिमल कुमार, मासूम शर्मा को सम्मानित किया।
हाइफ़ा अवार्ड ऑफ़ द ईयर शिक्षा के क्षेत्र के लिए परिमल कुमार और उनकी वाईफ को दिया गया।
बेस्ट रीजनल ओटीटी ऑफ़ द ईयर का अवार्ड स्टेज ऐप को दिया गया। हाइफ़ा एंटरटेनमेंट का अवार्ड सोनोटेक के नाम हुआ। हाइफ़ा एक्सीलेंस का अवार्ड राजकुमार धनखड़ को दिया गया।
हाइफ़ा एक्सीलेस ऑफ़ थियेटर का अवार्ड अखिलेन्द्र मिश्रा जी को दिया गया।
इस वर्ष का लाइफ़ टाइम अचीवमेंट अवार्ड हरियाणा के अभिनेता, लेखक और निर्देशक जनार्दन शर्मा जी को उनके अमूल्य योगदान के लिए दिया गया।
साथ ही हरियाणा की निर्माता, लेखिका एवं अभिनेत्री सुमित्रा हुड़्डा पेडनेकर को हाइफ़ा लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड 2026 उत्कृष्टता, साहस और सेवा के पांच दशकों से अधिक का जश्न मनाते हुए अभिनेत्री एवं सामाजिक कार्यकर्ता आशा हुड्डा जी को एचआईएफए कला साधना पुरस्कार-2025 से नवाज़ा गया। इसके अलावा समाजसेवी डॉ गोपाल मिश्र और विजय सैनी जी को विशेष रूप से सम्मानित किया गया। अंत में हाइफ़ा ने सभी ज्यूरी सदस्यों व हाइफ़ा की पूरी टीम को सम्मानित किया।
अवार्ड सेरेमनी में सोनिया सरताज ने अपने लाजवाब डांस से वहाँ मौजूद सभी को थिरकने पर विवश कर दिया। हाइफ़ा फेस्टिवल के दो दिन का सफल संचालन डॉ अल्पना सुहासिनी, गायत्री कौशल और विशाल जिंदल ने किया।

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