सोनीपत। बाल विवाह जैसी सामाजिक कुरीति के खिलाफ जिले ने गांधी जयंती पर एक बड़ा सामूहिक संकल्प लिया। जिले की सभी 300 ग्राम सभाओं ने एकजुट होकर अपने-अपने गांवों को बाल विवाह मुक्त बनाने और इस कुप्रथा के पूर्ण खात्मे का प्रस्ताव पारित किया। गांवों के इस सामूहिक संकल्प को बालिकाओं के सुरक्षित भविष्य की दिशा में महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक कदम माना जा रहा है। ग्राम सभाओं में स्थानीय ग्रामीणों, निर्वाचित जनप्रतिनिधियों, पंचायत कर्मियों और अधिकारियों ने भाग लेकर बाल विवाह के खिलाफ आवाज बुलंद की और समाज को इस कुप्रथा से मुक्त कराने का प्रण लिया। एम.डी.डी. ऑफ इंडिया के मुख्य कार्यकारी अधिकारी सुरिंदर सिंह मान ने जिले की सभी 300 ग्राम सभाओं द्वारा बाल विवाह मुक्त ग्राम का प्रस्ताव पारित किए जाने को ऐतिहासिक कदम बताया। उन्होंने कहा कि इस सामूहिक पहल से वर्ष 2030 तक बाल विवाह मुक्त भारत बनाने के लक्ष्य को नई गति मिलेगी।
