राई/सोनीपत। स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी ऑफ हरियाणा में “दबाव से शक्ति की ओर: विवेकानंद मार्ग” विषय पर एक विशेष व्याख्यान का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में डॉ. निखिल यादव, लेखक एवं उप प्रमुख, विवेकानंद केंद्र, उत्तर प्रांत ने विद्यार्थियों को स्वामी विवेकानंद के विचारों, आत्मविश्वास, जीवन के उद्देश्य, अनुशासन, दृढ़ संकल्प तथा सकारात्मक परिवर्तन के महत्व से अवगत कराया।
कार्यक्रम की शुरुआत में डीन अकादमिक अफेयर्स प्रो. योगेश चंदर ने मुख्य वक्ता डॉ. निखिल यादव का स्वागत किया तथा विश्वविद्यालय की ओर से उनका अभिनंदन किया।
अपने संबोधन में डॉ. निखिल यादव ने खेल और जीवन के बीच गहरे संबंध को रेखांकित करते हुए कहा कि जिस प्रकार एक खिलाड़ी बिना किसी प्रशंसा या दर्शकों की तालियों की अपेक्षा के निरंतर अभ्यास करता रहता है, उसी प्रकार प्रत्येक व्यक्ति को अपने प्रयासों और प्रगति को स्वयं पहचानना तथा उनका सम्मान करना चाहिए। उन्होंने स्वामी विवेकानंद के जीवन को आत्मविश्वास, उद्देश्य, संघर्ष और निरंतर प्रयास का प्रेरणादायी उदाहरण बताया। उन्होंने धर्मक्षेत्र-कुरुक्षेत्र तथा श्रीमद्भगवद्गीता में भगवान श्रीकृष्ण और अर्जुन के संवाद का उल्लेख करते हुए कहा कि जीवन में सही मार्गदर्शन, आत्मबोध और स्पष्ट उद्देश्य का विशेष महत्व है। उन्होंने विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा कि जिस व्यक्ति के जीवन में स्पष्ट लक्ष्य नहीं होता, वह सूखे पत्ते की तरह परिस्थितियों और दूसरों के प्रभाव में इधर-उधर भटक सकता है। इसलिए जीवन में निश्चित लक्ष्य निर्धारित करना और उसके प्रति पूरी निष्ठा एवं प्रतिबद्धता के साथ आगे बढ़ना आवश्यक है। कार्यक्रम के अंत में कुलपति अशोक कुमार ने मुख्य वक्ता डॉ. निखिल यादव का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि स्वामी विवेकानंद के विचार आज के युवाओं और विशेष रूप से खिलाड़ियों के लिए अत्यंत प्रासंगिक हैं। उन्होंने कहा कि खेल जीवन में अनुशासन, धैर्य, आत्मविश्वास, संघर्ष और नेतृत्व की भावना विकसित करता है। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के शिक्षण एवं गैर-शिक्षण कर्मचारी उपस्थित रहे।
