असम की बेटी ने रचा इतिहास, तैराकी संघ ने दी बधाई।

गुवाहाटी। असम की स्टार मुक्केबाज लवलीना बोरगोहेन ने अपने जन्मदिन के दिन देशवासियों को स्वर्ण पदक का शानदार तोहफा दिया। एशियन गेम्स की महिला 75 किलोग्राम वर्ग में स्वर्ण पदक जीतकर लवलीना ने असम और देश का गौरव बढ़ाया।
जापान के आइची-नागोया में आयोजित फाइनल मुकाबले में लवलीना ने चीन की मजबूत प्रतिद्वंद्वी बाओ झेनयी को 5-0 के निर्णायक अंतर से हराकर स्वर्ण पदक अपने नाम किया। मुकाबले में लवलीना ने अपने अनुभव, रणनीति, आत्मविश्वास और बेहतरीन तकनीक का परिचय देते हुए प्रतिद्वंद्वी पर अपना दबदबा बनाए रखा। महान मुक्केबाज मैरी कॉम के 2014 एशियन गेम्स में स्वर्ण पदक जीतने के बाद लवलीना एशियन गेम्स के मुक्केबाजी वर्ग में स्वर्ण पदक जीतने वाली भारतीय महिला मुक्केबाजों की सूची में शामिल हो गई हैं। लवलीना के लिए यह उपलब्धि इसलिए भी विशेष रही क्योंकि उन्होंने अपने जन्मदिन पर ही यह ऐतिहासिक स्वर्ण पदक हासिल किया। जन्मदिन के अवसर पर देशवासियों को स्वर्ण पदक का यह अनमोल उपहार देकर असम की इस बेटी ने एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय खेल मंच पर राज्य का नाम रोशन किया। लवलीना बोरगोहेन की इस ऐतिहासिक सफलता पर असम तैराकी संघ के महासचिव भास्कर रंजन दास और प्रचार सचिव मुकुतेश्वर गोस्वामी ने हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं प्रेषित कीं।उन्होंने लवलीना के उज्ज्वल खेल भविष्य और आगामी प्रतियोगिताओं में निरंतर सफलता की कामना की।
