आजमगढ़ का मिजाज बौद्धिक, राष्ट्रवादी, धर्मनिरपेक्ष और क्रांतिकारी रहा है…

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सैयद अख्तर हुसैन रिजवी ऊर्फ कैफी आजमी, शोषित, वंचित, बहिष्कृत और उत्पीडित समाज की आवाज़ को साहित्यिक अभिव्यक्ति प्रदान करने वाले महापंडित राहुल सांकृत्यायन, दर्जनों अमर जागरण गीतों के रचयिता…

सुप्रीमकोर्ट के हस्तक्षेप के बाद भी जहांगीरपुरी में चलता रहा बुलडोजर

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जहांगीरपुरी इलाके में उत्तरी दिल्ली नगर निगम (NDMC) द्वारा की जा रही अतिक्रमण के खिलाफ कार्रवाई बुधवार दोपहर साढ़े 12 बजे के बाद रोक दी गई। सुप्रीम कोर्ट के एक…

बेल के कुदरती मीठे शरबत पर किसका दिल ना आ जाए

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बेल का मौसम आ गया है।तस्वीर में जो पेड़ नज़र आ रहा है ये दुर्लभ किस्म के देसी कागज़ी बेल का पेड़ है।इसी पेड़ के बेल आज शाम लग्घी से…

आज़मगढ़ के साहित्यकारों ने हिन्दी साहित्य की इस अनमोल धरोहर को विस्मृत कर दिया

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हिन्दी साहित्य की अनमोल धरोहर है अयोध्या सिंह उपाध्याय “हरिऔथ ” को आज़मगढ़ के साहित्यकारों, बुद्धिजीवियों द्वारा विस्मृत कर दिया जाना अत्यन्त खेद का विषय है। शायद ही उनकी जयन्ती…

अखबारों से व्यंग्य विधा की विदा

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दैनिक हिन्दुस्तान के पाठक देखते रह गए और सम्पादकीय पृष्ठ के ‘नश्तर’ स्तम्भ पर सम्पादक जी का नश्तर चल गया. व्यंग्य रचनाओं से सजा हुआ नश्तर स्तम्भ हिन्दुस्तान के सम्पादकीय…

बार्बर साहब द नील ज़िमिन्दार!

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हम सुनाते हैं नील के अत्याचारी ज़मींदार चार्ल्स जोसेफ़ बार्बर की अनसुनी दास्तान।जब 1857 की जंग ख़त्म हुई और अंग्रेज़ों से लड़ने वाले आज़मगढ़ के माहुल स्टेट के राजा इदारत…

सभी धर्म दया का दिखावा करते हैं-राहुल सांकृत्यायन

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दुनिया के सभी मज़हबों में भारी मतभेद है, क्योंकि एक धर्म पूरब मुँह करके पूजा करने का विधान करता है, तो दूसरा पश्चिम की ओर। एक सिर पर बाल बढ़ाना…

मानववाद के लिए बड़ा खतरा है निरंतर बढ़ती जनसंख्या

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वर्तमान समय को अगर देखा जाए तो दुनिया में सबसे बड़ी समस्याओं में से एक है जनसंख्या विस्फोट वैज्ञानिकों का कहना है कि मानव सभ्यता की उत्पत्ति को लगभग 130000…

‘कॉन्फ्लिक्ट रिजॉल्यूशन:द आरएसएस वे’ सत्य के प्रकटीकरण का साहसिक प्रयास

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‘संघर्ष समाधान: आरएसएस का रास्ता ‘ पुस्तक स्वयंसेवकों के कटु अनुभवों एवं संघर्षों पर आधारित है। आरएसएस को सम्पूर्ण विश्व में एक सांस्कृतिक संगठन के रूप में देखा जाता है।राष्ट्रीय…

… नहीं चाहिए विज्ञापन? – एम. सांकृत्यायन

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राजनैतिक नैतिकता के लिए संसदात्मक शासन प्रणाली वाले देश में सामूहिक उत्तरदायित्व के सिद्धान्तों का पालन बहुत जरूरी होता है। यदि ऐसा नहीं किया जाता है तो यह उस शासन…